हिंदू शरणार्थी शिविर में मना जश्न, नाचे लोग

 


हिंदू शरणार्थी शिविर में मना जश्न, नाचे लोग


नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन बिल (2019) दोनों सदनों में पास होने की खुशी बृहस्पतिवार को दिल्ली के मजनू का टीला स्थित हिंदू शरणार्थी शिविर में जश्न के रूप में दिखाई दी। लोगों के बीच सुबह से ही यहां नेताओं का हुजूम रहा। ढोल-ताशों बजाकर लोग नाच रहे थे और एक-दूसरे को गले लगाकर खुशी का इजहार कर रहे थे। मिठाइयां बांटी जा रही थी। इनमें कुछ लोग ऐसे भी थे, जिनके जश्न के दौरान आंखों में आंसू छलक उठे। उनका कहना था कि सच्चे मायने में तो वतन वापसी उनकी अब हुई है। इस बीच दिल्ली भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी और वरिष्ठ नेता विजय गोयल भी खुशियां साझा करने शिविर पहुंचे। दोनों नेताओं ने उस बच्चे को भी आशीर्वाद दिया, जो हाल ही में जन्मा है और माता-पिता ने उसका नाम नागरिकता रखा है।


 

सुबह से ही शिविर में खुशियों का माहौल था। बच्चों से लेकर युवा तक हर कोई हाथ में तिरंगा लिए नाच गा रहा था। शोभराज का कहना था कि उनकी अब पूरी तरह से वतन वापसी हुई है। इस पल का सपना वे वर्षों से देख रहे थे। वे अपने पिता को याद करते हुए कहते हैं कि यदि पिता जिंदा होते तो ये देख बहुत खुश होते। मीरा देवी ने कहा कि खुशी से झूमने का दिन है। अब उनके बच्चे भी खुद को भारतीय कहने का गौरव हासिल कर सकेंगे।
इस दौरान विजय गोयल ने कहा कि संसद में मोदी सरकार ने इस बिल को पास करके उन लाखों लोगों को नया जीवन दे दिया है जो अभी तक शरणार्थी थे, लेकिन अब इस देश के नागरिक हो जाएंगे। राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद यह कानून बन जाएगा।
पाकिस्तान के सिंध प्रांत हैदराबाद से वर्ष 2013 में भारत आई वीवा देवी ने विजय गोयल से बातचीत में बताया कि उन्हें वहां पर धार्मिक आजादी नहीं थी। वे कोई त्योहार नहीं मना सकते थे। घर से बाहर जो मंदिर थे, उन्हें नष्ट कर दिया था। केवल घर के अंदर ही वे छिपकर पूजा-पाठ कर सकते थे। सीता ने बताया कि उन पर इस्लाम धर्म कबूलने के लिए दबाव डाला जाता था। एक और शरणार्थी सीताराम ने बताया कि पाकिस्तान में उनकी बहन-बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। परिवार के बहुत सदस्य अभी भी पाकिस्तान में हैं, जिन्हें पाकिस्तानी सरकार भारत नहीं आने दे रही है। शरणार्थी सुंदर ने कहा कि जब से मोदी सरकार नागरिकता संशोधन विधेयक 2019 लाई है, उनके घरों में दिवाली मनाई जा रही है। पुलिस बार-बार बॉर्डर पर छोड़ने की बात करती थी, अब हम इस भय से मुक्त हो गए हैं।
रोहिणी में शरणार्थियों ने मनाई दिवाली
रोहिणी स्थित हिंदुओं के शरणार्थी शिविर में बृहस्पतिवार रात दिवाली जैसा जश्न मनाया गया। हर किसी ने अपने घर को मोमबत्ती और दिए से सजाया। दिल्ली विधानसभा नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने यहां लोगों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक निर्णय की मिसाल विश्व में मिलना कठिन है। अब लाखों शरणार्थी भारत में अपने परिवार के साथ चैन से रह सकेंगे और कानूनी रूप से अपना भरण-पोषण कर सकेंगे।
जब तक सूरज चांद रहेगा, मोदी तेरा नाम रहेगा
दिल्ली भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी जब शरणार्थियों से मिलने मजनू का टीला स्थित शिविर पहुंचे तो लोगों ने गर्मजोशी से उनका स्वागत किया। मनोज तिवारी ने शरणार्थियों का मुंह मीठा कराया। उन्होंने कहा कि जो लोग इस विधेयक का विरोध कर रहे थे वे शिविर में आकर अपनों के चेहरे की खुशियां देख सकते हैं। इसी बीच शरणार्थियों ने नारे लगाना शुरू कर दिया कि जब तक सूरज-चांद रहेगा, मोदी तेरा नाम रहेगा। मोदी-मोदी के नारों के बीच शरणार्थियों ने विधेयक पास कराने का आभार व्यक्त किया।