उत्तरी दिल्ली में रहने वाले स्वच्छ हवा में ले सकेंगे सांस, 26 करोड़ की लागत से लगेंगे 26 स्मोक टावर
लगातार प्रदूषण के कारण जहरीली हवा में सांस लेने को मजबूर उत्तरी दिल्ली नगर निगम क्षेत्र में रहने वालों को जल्द राहत मिलेगी। उत्तरी निगम क्षेत्र में प्रदूषित हवा को स्वच्छ बनाने के लिए जल्द ही 26 स्मोक टावर लगाए जाएंगे, ताकि आसपास रहने वालों को स्वच्छ हवा में सांस लेने का मौका मिल सके। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में कुल 26 करोड़ की लागत से एक-एक स्मोक टावर लगाया जाएगा।
बुधवार को उत्तरी निगम की स्थायी समिति की बैठक में इस संबंध में प्रस्ताव पास कर दिया गया। पिछले महीनों के दौरान लगातार प्रदूषण की समस्या से जूझ रहे दिल्ली वासियों के लिए उत्तरी निगम ने इस दिशा में सबसे पहले कदम बढ़ाया है। स्थायी समिति के अध्यक्ष जयप्रकाश ने बताया कि इस टावर के लगने से प्रदूषण का स्तर काफी कम हो जाएगा।
टावर के जरिये वायु प्रदूषण के स्तर में रोज होने वाले उतार-चढ़ाव की निगरानी रखने के साथ-साथ हवा को स्वच्छ किया जाएगा, ताकि लोगों को सांस लेने में तकलीफ न हो। प्रदूषण की वजह से दमा के मरीज, बुजुर्गों और बच्चों को खास तौर पर अक्सर परेशानियों को सामना करना पड़ता है।
कई बार वायु प्रदूषण के गंभीर स्तर के कारण लोगों के लिए घरों से बाहर निकलना भी मुश्किल हो जाता है। स्मोक टावर के लगने से उत्तरी निगम क्षेत्र के सभी 26 विधानसभा क्षेत्रों में रहने वालों को स्वच्छ हवा मिलेगी। इससे उनकी सेहत पर भी बुरा प्रभाव नहीं पड़ेगा। वित्तीय वर्ष 2020-21 में उत्तरी निगम क्षेत्र के लिए यह प्रावधान किया गया है।
स्थायी समिति के अध्यक्ष जयप्रकाश ने बताया कि एक स्मोक टावर के दायरे में आसपास के कुछ वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र की हवा स्वच्छ हो जाएगी। इसके लिए तकनीकी टीमें लगातार अध्ययन में जुटी हैं, ताकि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में रहने वालों को निगम के इस प्रयास से सांस लेने के लिए स्वच्छ हवा मिल सके।